॥ श्रीहरिः ॥
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• श्रीस्वामी राधाप्रसाद देव जू कृत प्रसंसा • श्रीस्वामी सीलसखी जू एवं श्रीस्वामी सहचरी सरण देव कृत प्रसंसा • सिद्धान्त के दोहा • सिंगार रस के दोहा, सोरठा, चैपाई और चैबोला • भादों सुकल अष्टमी भू पर, • रसनिधि स्वामी अष्टमी आई। + महल तें प्रगटे श्री हरिदास। + भूपर प्रगटी श्रीललित किसोरी। + रसिकवर प्रगटे ललित उदार। + प्रगट भई ललितप्रिये रंगभीनी। + प्रगटी श्री ललित ललित + महल में बाजत बधाई नीकी। + श्री हरिदास महल ते प्रगटे, + आज बधाई कुँजमहल मे + आज बधाई रंगमहल में + प्रगटे श्रीहरि श्रीहरिदास। + आजु की कृपा मोपै कही + प्रगट भये श्री स्वामी हरिदास। + प्रगट भई ललितप्रिये + प्रगट भई प्यारी ललित + सुखरासि नवेली प्रगट भई। + श्रीहरिदास सदाँ सुख मेरे। + हमारे स्वामी सिरोमनि + धन्य धन्य दिन घरी, + ललित रसभीनी हो स्यामा, + कुँजमहल में मंगलाचार। + महल तें प्रगट भई सुखदाई। + अति भली भई नित ललिते + श्रीहरिदास रसिकवर प्रगटे, + प्रगटी ललित विपुल + आज वन बाजत विपुल श्रीबिहारी जू महाराज के पाटोत्सव की बधाई + हमारे बिहारी उत्सव आज। + प्रगट भये श्री कुँजबिहारी। + प्रगटे बाँके श्रीबाँकेबिहारी सब + प्रगटी श्री सरस सरस रस + प्रगटी श्री सरस सरस रंग भीनी। + श्रीनरहरि देव उदारमनि, + प्रगटे श्री नरहरिदेव उदार। + प्रगटे श्री नरहरिदेव उदार। + प्रगटे श्री नरहरिदेव रँगीले। + श्री नरहरिदेव रसिकवर प्यारे। + अनन्य नृपति वर लाड़िले, + महा सुख प्रिया नाम अधार। + भजि लै कुँजबिहारी बाल। + अपने हाल मस्त सुखदाई। + कृपा कीनी लाड़िली, + सोई रहै महा आनन्द में, + साधो कथा कहै सो कीजै। + साधो ऐसौ महल हमारौ। + नित्यबिहार निरन्तर मेरौ। + सहज बिहार निरन्तर मेरौ। + बिहारिन संग निरन्तर मेरे। + मेरी ललित प्रिये हरिदासी, + तुम सौं बात सबै बनि आवै, + हरि कौं भजै सोई तौ नीकौ। + हमारे अनन्य नृपतिवर श्री स्वामी। + श्रीस्वामी के लाड़िले गुरुदेव उदार। + साधो यह मत हमकौं नीकौ लागै। + स्वामिनि करुना करौ तुम मोकौं। + विषै वासना तजौ सासना, + जै जै श्री वृन्दावन चन्द। + श्रीहरिदास भजौ मन मेरे। + श्रीहरिदास सरन जे आये। + धन्य धन्य लड़ैंती मेरी है। + महल हमारे गुदी पर्यौ है। + जै जै जै वृन्दावन आनन्द चन्द। + नमो नमो जै श्री वृन्दावन, + मैं तौ नित्यबिहार सार गलतान + एरी मेरौ वृन्दावन सुख धाम। + जै जै जै श्री वनराज हमारे। + जै जै श्रीहरिदास दुलारी। + जै जै जै हरिदासि पियारी। + जै जै नित्य किसोरी बाला। + माई धामिनि कौ धामी धाम, + माई आज तौ विराजैं वर सुन्दर + मेरी गति तुही है लडं़ैती प्रान प्यारी + प्रिया जू की चितवन प्रेम की सुधारी + जै जै कुँजबिहारिन रानी। + तो सी तुही हरिदास दुलारी। + मैं मेरी हरिदास सदाँई। + श्री हरिदास हमारे प्रीतम। + यह सुख री हौं काहि सुनाऊँ। + श्री हरिदास बिहारिन रानी है। + श्रीहरिदासि सहज मेरी जीवन। + श्री हरिदास हमारे प्रान। + मोहि भरोसौ स्वामी जी कौ। + श्री स्वामी हरिदास, रसिकवर नागरा। + श्रीस्वामी हरिदास, रसिकवर गाइये। + राख्यौ लाड़ बिहारिन रानी। + मेरी राधिके प्रवीन। + साधो भजन करै सोइ जीते। + साधो दुख करौ मति कोई। + रसिकवर और कहा हमें चहिये। + मेरी लड़ैंती अति सुकुमारि, + मेरे प्रान जीवन धन राधे। + जो चाहौ सोई करौ, + श्री हरिदास के लाड़िले, + श्रीकुँजबिहारिन लाड़िली, + कुँजमहल में मंगलचार। + रसिक सिरोमनि लाड़िली, + जो कछु करैं सो लाड़िली, + पोति लड़ैंती नै दई, + बात की बात बिहारी ही जानैं। + प्यारी प्रीतम प्रीतम प्यारी। + सुख कौ सार समूह किसोरी। + आज प्रिया सुखसार दियौ। + रसिकवर करत केलि मनभाई। + हमारे श्री हरिदास महा सुखदाई। + प्रीत की रीत रँगीली ही जानैं। + मेरी ललित महा सुखदाई। + लड़ैंती तेरे नैंना री अति फूले। + जै जै श्री हरिदास हमारी। + हमारे स्यामा कुँजबिहारी। + कुँजबिहारिन सब सुखरासी, + श्री हरिदासी अति रसरासी, + रंग नवेली प्रिया अलबेली, + लाड़िली अलबेली हमारी। + आज अद्भुत रसरीत देखि छबीली। + आज सखी आये मेह सुहाये। + रँगीले दोउ झूलत सुरति हिंडोरैं। + श्री निधुवनराज में, + अतिरंग बिहारिन बाल, + प्यारी सहजहि मृदु मुसिक्याय, + नित कुँजबिहारिन बाल, + रसमत्त बिहारिन बाल, + रंग होरी रंग होरी होरी, + मेरी कुँजबिहारिन नित्य किसोरी। + जै जै जै लड़ैंती प्यारी की। + मैं जानी मैं जानी, + सरि कौंन करै मेरी प्यारी की। + करत रसिकनी रसिक रसीली बतियाँ। + लड़ैंती के लड़ैंते की जै रहिये। + मेरी लाड़िली सुख दैंन। + लड़ैंती करत केलि मनभाई। + देखत रहें नित्य प्रान प्रिया कों। + छाँड़िये हठ नवलकिसोरी। + श्रीकुँजबिहारिन सब सुखकारी। + मिलि खेलन कों चलि, प्रीतम प्यारी + आज रस वरषत केलि विलासी। + विलसत केलि महा सुखदाई। + बिहारिन लाड़िली रसमाती। + हमारे बाट परी मुसिक्यान। + रसमत्त बिहारिन प्यारी है। + बिहारिन लाड़िली अलबेली। + तोसी तुही मेरी प्रान प्यारी। + सुखरूप बिहारिन रानी है। + प्यारी अतिसुख रूप निमानी। + मेरी कुँजबिहारिन स्वामिनी। + मेरी श्री हरिदास दुलारी।